उत्तर प्रदेशमहोबा

IGRS में लापरवाही पर DM महोबा सख्त, 2 दर्जन से अधिक अधिकारियों का वेतन रोका

महोबा में जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने सख्त कार्रवाई करते हुए 2 दर्जन से अधिक अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए हैं।

Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा में जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद के 2 दर्जन से अधिक अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई IGRS (जनसुनवाई) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि न मिलने और असंतुष्ट फीडबैक के आधार पर की गई है।

अधिकारियों की बैठक

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) के साथ समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक कर IGRS पोर्टल की गहन समीक्षा की। बैठक में DM ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर से जनपद की पूर्व व वर्तमान रैंकिंग की तुलना करते हुए IGRS के 11 निर्धारित मूल्यांकन बिंदुओं पर विभागवार प्रगति जानी। सबसे ज्यादा नाराजगी शिकायतकर्ता से संपर्क न किए जाने और संतुष्टि के बिना निस्तारण किए जाने पर जताई गई।

कई अधिकारी शामिल

वेतन रोकने की कार्रवाई जिन अधिकारियों पर की गई उनमें प्रमुख रूप से अधिशाषी अभियंता जल निगम (ग्रामीण/नगरीय), एल.डी.एम, उपनिदेशक कृषि, अपर मुख्य अधिकारी, खान निरीक्षक, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उपायुक्त उद्योग, जिला आबकारी अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, ARM रोडवेज, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशाषी अभियंता विद्युत (नगरीय/ग्रामीण), परियोजना अधिकारी डूडा, CMS जिला अस्पताल (पुरुष/महिला), अधिशाषी अभियंता सिंचाई, अधिशाषी अभियंता लो.नि.वि. (निर्माण खंड/प्रांतीय खण्ड), जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, CMO, CVO, सहायक अभियंता लघु सिंचाई शामिल हैं। इसके अलावा तहसीलदार, सब रजिस्ट्रार, BDO, MOIC एवं ADO स्तर के कई अधिकारी भी शामिल हैं।

गवाहों के हस्ताक्षर व फोटोग्राफ

जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन प्रातः कार्यालय पहुंचकर अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करें। IGRS पोर्टल पर लंबित शिकायतों का शिकायतकर्ता से फोन पर संपर्क कर उनकी संतुष्टि के आधार पर नियमानुसार निस्तारण करें। प्रत्येक प्रकरण में स्थलीय निरीक्षण कर गवाहों के हस्ताक्षर व फोटोग्राफ सहित आख्या पोर्टल पर अपलोड करें, जिससे फीडबैक में सुधार हो सके। DM ने स्पष्ट किया कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनपद की रैंकिंग सुधारने के लिए सभी विभागों को मिशन मोड में कार्य करना होगा।

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